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तीसरे विश्व युद्ध की आहट: होर्मुज जलमार्ग पर अमेरिका-ईरान में छिड़ी भीषण जंग, समर्थन में रूस ने भेजा ‘डूम्सडे प्लेन’

दुबई/वाशिंगटन। दुनिया की सबसे संवेदनशील ऊर्जा आपूर्ति लाइफलाइन माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच भीषण युद्ध छिड़ गया है। दोनों देशों ने एक-दूसरे के खिलाफ सैन्य हमलों को चरम पर पहुंचा दिया है, जिसमें अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। इस बीच, महाशक्ति रूस ने भी ईरान के समर्थन में सीधे जंग में छलांग लगा दी है। रूस ने अपनी राजधानी मॉस्को से तेहरान के लिए अपना प्रलयकारी विमान ‘डूम्सडे प्लेन’ रवाना कर दिया है, जिससे तीसरे विश्व युद्ध का खतरा मंडराने लगा है।

अमेरिकी वायुसेना ने दक्षिणी ईरान में स्थित बेहद महत्वपूर्ण बंदर अब्बास और केशम द्वीप पर ताबड़तोड़ बमबारी की है। अमेरिकी हमलों में ईरानी सेना के कई रणनीतिक ठिकानों और बड़े आयुध भंडारों को पूरी तरह नेस्तनाबूत कर दिया गया है।

इस भीषण हमले के जवाब में ईरान ने भी भीषण पलटवार किया है। ईरानी सेना ने लगातार दूसरे दिन जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में बने अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाते हुए एक के बाद एक कई मिसाइलें और आत्मघाती ड्रोन दागे हैं।

जहाजों से 20% टोल टैक्स वसूलेगा अमेरिका: डोनाल्ड ट्रंप

इस सैन्य टकराव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक बड़ा एलान करते हुए ईरान की पूर्ण नाकेबंदी करने की घोषणा कर दी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अब अमेरिकी सेना होर्मुज जलमार्ग की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी अपने हाथों में लेगी।

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इसके बदले में इस अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग से गुजरने वाले हर एक कमर्शियल जहाज से अमेरिका 20 फीसदी टोल टैक्स वसूलेगा। ट्रंप ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि होर्मुज मार्ग खुला है और खुला रहेगा, चाहे ईरान इसे माने या ना माने।

दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका को इस क्षेत्र से तुरंत दूर रहने की सख्त हिदायत दी है। ईरान ने साफ कहा है कि जो भी देश इस सैन्य अभियान में अमेरिका की मदद करेगा, उसे ईरान के खिलाफ सीधा युद्ध माना जाएगा और उस पर भी पलटवार होगा।

CENTCOM ने तबाह की ईरान की वायु रक्षा प्रणाली और रडार

अमेरिकी केंद्रीय कमान ने इस ऑपरेशन की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान की वायु रक्षा प्रणाली, रडार स्टेशनों, मिसाइल लॉन्च पैड्स और ड्रोन यूनिट्स को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। इसके अलावा ईरान की कई लड़ाकू नावों को भी समुद्र में डुबो दिया गया है।

अमेरिका का तर्क है कि होर्मुज जलमार्ग वैश्विक व्यापार की जीवन रेखा है और इस पर ईरान का एकतरफा कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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यूरोपीय संघ (EU) की शीर्ष राजनयिक काजा कल्लास ने भी अमेरिकी कार्रवाई का खुला समर्थन किया है। उन्होंने मांग की है कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत समुद्री स्वतंत्रता का सम्मान होना चाहिए और जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिलना चाहिए।

ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स की सीधी चेतावनी: ‘दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं’

उधर, ईरान के सबसे शक्तिशाली अर्धसैनिक बल ‘रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स’ ने अमेरिकी दावों और धमकियों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी कमांडरों ने दोटूक कहा कि होर्मुज जलमार्ग पूरी तरह से ईरान का संप्रभु क्षेत्र है।

रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि वे दुनिया के दूसरे कोने से आई किसी भी “बदमाश सेना” को अपने आंतरिक मामलों और समुद्री सीमाओं में दखल देने की इजाजत कभी नहीं देंगे।

इस प्रकार अमेरिका, ईरान और रूस के बीच शुरू हुआ यह त्रिकोणीय सैन्य टकराव अब पूरी दुनिया के लिए एक बड़े खतरे का सबब बन चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह जंग तुरंत नहीं रुकी, तो वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो जाएगी और दुनिया भीषण आर्थिक मंदी की चपेट में आ जाएगी।

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