उत्तराखंड
उत्तराखंड के जनसेवा शिविरों में हुआ मुफ्त इलाज, पेंशन और प्रमाण-पत्रों का हाथों-हाथ निपटारा
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार के 5 वर्ष पूरे होने के मौके पर राज्य में एक बड़ा जन-जागरण अभियान शुरू हुआ है। “सेवा, सुशासन एवं समर्पण” और “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” नारे के साथ आज प्रदेश के सभी जिलों में बहुउद्देशीय जनसेवा शिविर और विकास प्रदर्शनियों का आयोजन किया गया। इन शिविरों का सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि शासन-प्रशासन खुद चलकर दूरदराज के गांवों तक पहुंचा और हजारों ग्रामीणों को सीधे सरकारी योजनाओं का लाभ दिया।
राज्यभर में लगे इन विशेष कैंपों में स्वास्थ्य, कृषि, स्वरोजगार, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, शिक्षा, बिजली और पेयजल समेत सभी प्रमुख विभागों ने अपने स्टॉल लगाए थे। यहां न सिर्फ लोगों को योजनाओं की जानकारी दी गई, बल्कि जो लोग पात्र थे, उनके फॉर्म भरवाकर मौके पर ही उन्हें लाभ सौंप दिया गया।
मुफ्त इलाज, आधार कार्ड और पेंशन
इन जनसेवा शिविरों में ग्रामीणों की रोजमर्रा की जरूरतों और समस्याओं का ध्यान रखा गया। जिनमें मुफ्त हेल्थ चेकअप और मुफ़्त दवाइयों का वितरण, नए आधार कार्ड बनाना और पुराने कार्ड में सुधार, साथ ही जरूरी सरकारी प्रमाण-पत्रों का निर्माण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसे कार्य किए गए।
इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना के आवेदकों की तत्काल मदद जैसे कार्य भी शामिल रहे। वहीं महिलाओं को महालक्ष्मी किट भी बांटी गई, जबकि किसानों और पशुपालकों को डेयरी व कृषि सहायता दी गई।
इस दौरान सूचना एवं लोक संपर्क विभाग ने भी मोर्चा संभाला। विभाग की ओर से लोगों को जागरूक करने के लिए “मेरी योजना” पुस्तिका और अन्य प्रचार सामग्री बांटी गई, ताकि ग्रामीण बाद में भी इन योजनाओं का फायदा उठा सकें।
इस पूरे महाअभियान में प्रदेशभर से 5,300 से अधिक नागरिकों ने हिस्सा लिया। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 4,470 से अधिक पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही योजनाओं का सीधा लाभ दिया गया। इसके अलावा शिविरों में कुल 415 शिकायतें और आवेदन आए, जिनमें से 179 मामलों का अधिकारियों ने मौके पर ही निपटारा कर दिया। बाकी बचे आवेदनों को समय सीमा के भीतर हल करने के लिए विभागों को भेजा गया है।
आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित इन शिविरों में जनता का भारी उत्साह देखने को मिला, जिसके तहत अल्मोड़ा में लगभग 1300, ऊधम सिंह नगर के बाजपुर में 1150, हरिद्वार में 1130 और नैनीताल में 510 प्रतिभागियों ने योजनाओं का लाभ उठाया। इसके साथ ही चम्पावत में 440, बागेश्वर में 205, उत्तरकाशी में 185, पौड़ी गढ़वाल में 128 और चमोली जिले के कर्णप्रयाग में 200 से अधिक व कनोल में 150 से अधिक स्थानीय नागरिकों ने इस अभियान में बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
सुशासन केवल नारा नहीं, हमारी कार्यसंस्कृति है: CM धामी
इस अभियान की सफलता पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उनकी सरकार का एकमात्र लक्ष्य उत्तराखंड के आखिरी छोर पर बैठे व्यक्ति तक सुशासन और सरकारी सेवाओं को पहुंचाना है। “सेवा, सुशासन एवं समर्पण” हमारी सरकार के लिए केवल एक अभियान या नारा नहीं, बल्कि हमारी कार्यसंस्कृति है।
सीएम धामी ने आगे कहा कि इन जनसेवा शिविरों के जरिए सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अब छोटे-छोटे कामों के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं। एक ही जगह पर सारे विभाग उपलब्ध होने से जनता का समय, पैसा और मेहनत बच रही है और उनकी समस्याओं का तुरंत समाधान हो रहा है।




