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उत्तराखंड

चारधाम में इस बार स्वास्थ्य सेवाओं का मजबूत नेटवर्क,सुनिए केदारनाथ से लौटे स्वास्थ्य सचिव डा. आर. राजेश कुमार का बड़ा बयान….

देहरादून । चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए धामी सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। इस बार तीर्थयात्रियो को यात्रा मार्ग पर बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत के निर्देश पर स्वास्थ्य सचिव डा. आर. राजेश कुमार चारधाम यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा ले रहे हैं। स्वास्थ्य सचिव डा. राजेश कुमार ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तैयारियां की हैं। यात्रा के लिए गाइडलाइन यानी एसओपी जारी कर दी गयी है। इसमें यात्रियों को सुझाव दिया है कि वह यात्रा के दौरान अपने शरीर को पहाड़ के मौसम के अनुकूल बना लें। यदि कठिनाई आ रही है तो कुछ समय आराम करें और इसके बाद ही यात्रा करें। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि सरकार यात्रा में आने वाले सभी श्रद्धालुओं का स्वागत करती है। लेकिन साथ ही यह अपील भी है कि 55 साल से अधिक आयु वर्ग के श्रद्धालु यदि किसी बीमारी मसलन शूगर, बीपी, हृदयरोग आदि से ग्रसित हैं तो उसका उल्लेख कर दें। उन्होंने कहा कि 104 के माध्यम से ऐसे श्रद्धालुओं की निगरानी की जाएगी।

संजीवनी साबित होगी कार्डिक यूनिट

चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों सहित गढ़वाल मंडल के चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी तथा पौड़ी जनपद के लोगों को अब हार्ट सम्बन्धी उपचार श्रीनगर मेडिकल कालेज के बेस अस्पताल में मिलेगा। दरअसल कॉर्पाेरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत मेडिट्रीना हेल्थ ग्रुप द्वारा बेस अस्पताल में कार्डिक यूनिट का संचालन शुरू कर दिया है। सूबे के स्वास्थ्य मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने बताया कि मेडिकल कालेज में कार्डिक यूनिट शुरू होने से इसका लाभ चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी एवं टिहरी जनपद के लोगों को मिलेगा साथ ही चार धाम यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों को भी इसका फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि मेडिट्रीना ग्रुप कॉर्पाेरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत यात्रा सीजन में कार्डिक यूनिट का संचालन करेगा, इसके उपरांत राज्य सरकार कार्डिक यूनिट को पीपीपी मोड़ पर संचालित करने का निर्णय लेगी।

चारधाम यात्रा मार्गों पर तैनात रहेंगी 200 एम्बु

लेंस
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के इंतजाम किए गए हैं। केंद्र सरकार की ओर से राज्य को पूरा सहयोग मिल रहा है। इस बार किसी भी यात्री को स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। चार धाम यात्रा मार्गों पर 6 दर्जन आपातकालीन सेवा 108 सहित कुल 200 एम्बुलेंस तैनात की गई हैं। जिनमें ऑक्सीजन सिलेंडर सहित आवश्यक जीवन रक्षक सुविधाएं उपलब्ध है। यात्रा मार्गों पर तैनात आपातकालीन सेवा 108 के रिस्पांस टाइम को घटाकर 15 मिनट कर दिया गया है। विशेष कर केदारनाथ व हेमकुंड साहिब जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिये बनाये गये एमआरपी (मेडिकल रिस्पांस प्वाइंट) पर तैनात मेडिकल स्टॉफ को आवश्यक जीवन रक्षक उपकरण एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई जाय। इसके साथ ही उन्होंने गंगोत्री, यमुनोत्र व बदरीनाथ यात्रा मार्गां पर स्थित स्थाई एवं अस्थाई चिकित्सा इकाईयों में पर्याप्त दवाईयों के साथ ही चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर को बदरीकेदार एवं हेमकुंड साहिब यात्रा के लिये बेस कैम्प बनाया गया है जहां पर कार्डिक यूनिट सहित अन्य विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात रहेंगे। इसी प्रकार गंगोत्री, यमुनोत्री आने वाले यात्रियों के लिये एम्स ऋषिकेश को बेस कैम्प बनाया गया है ताकि आपातकाल स्थिति में किसी भी यात्री को निश्चित समय के अंतर्गत स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सके। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य में कोरोना संक्रमण की स्थिति नियंत्रण में है, फिर भी सभी को सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को प्रदेशभर में अधिक से अधिक संख्या में कोरोना टेस्टिंग एवं टीकाकरण अभियान संचालित करने के निर्देश दिये साथ ही आम जनमानस को कोरोना के प्रति जागरूक करने को भी कहा।

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केदारनाथ धाम पर खास फोकस

स्वास्थ्य सचिव के मुताबिक केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर इस बार सरकार का विशेष फोकस है। यहां हर किलोमीटर पर मेडिकल रिलीफ पोस्ट बनाई गयी है। इस बार केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री यात्रा मार्गों पर 23 मेडिकल रिलीफ प्वाइंट (एमआरपी) बनाए गए हैं। प्रत्येक एमआरपी में केयर टेस्टिंग डिवाइस होगी। जिसके माध्यम से 28 तरह की जांच की जाएगी। इसके अलावा दूसरे जिलों से यात्रा के लिए 130 डॉक्टर तैनात किए गए हैं। चारधाम यात्रा से जुड़े रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी जिले में पहले से 29 विशेषज्ञ डॉक्टर, 185 चिकित्सा अधिकारी तैनात हैं। यात्रा के लिए दूसरे जिलों से 16 विशेषज्ञ, 14 हड्डी रोग विशेषज्ञ, 100 डॉक्टरों को तैनात किया गया है। इसके अलावा 89 पैरामेडिकल स्टाफ अन्य जिलों से भेजा जाएगा। इस बार यहां प्वाइंट आफ केयर टेस्टिंग डिवाइस होगा। इस डिवाइस से 28 तरह के रोगों की टेस्टिंग हो सकेगी। स्वास्थ्य सचिव के अनुसार इस बार यात्रा मार्ग पर ऐसे डाक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की गयी है जो कि हृदय संबंधी रोगों के उपचार और निदान में पारंगत हों। उन्होंने कहा कि हम चारधाम यात्रा को पूरी तरह से सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए संकल्पित हैं। यात्रा मार्गों पर मौजूद अस्पतालों में डाक्टर, स्टाफ, आक्सीजन सिलेंडर और दवाओं की व्यवस्था की गयी है। इसके अलावा मार्ग पर स्वास्थ्य एटीएम भी लगाए गये हैं। चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के इंतजाम किए गए हैं। केंद्र सरकार की ओर से राज्य को पूरा सहयोग मिल रहा है। इस बार किसी भी यात्री को स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।

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इन जगह पर होगी श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग

हरिद्वार में राही होटल, ऋषिकेश में आईएसबीटी, आरटीओ कार्यालय, गुरुद्वारा, उत्तरकाशी के बडकोट, हिना, जानकी चट्टी, केदारनाथ मार्ग पर सोनप्रयाग, बदरीनाथ मार्ग पर पांडुकेश्वर में श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग की जाएगी।

इन यात्रा मार्गों पर एमआरपी की सुविधा

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर 14 एमआरपी बनाए गए हैं जबकि बदरीनाथ मार्ग पर दो, यमुनोत्री में दो, ऋषिकेश बस स्टेशन पर एक, पौड़ी जिले में दो, टिहरी में एक, ब्यासी में एक मेडिकल रिलीफ प्वाइंट बनाया गया है। इसके अलावा पहली बार चारधाम यात्रा मार्गों पर 50 हेल्थ एटीएम स्थापित किए गए हैं। इससे श्रद्धालुओं को 30 सेकेंड के भीतर 72 तरह की जांच की सुविधा मिलेगी।

, यात्रा मार्ग पर हुई 2 मौत के मामले में सचिव स्वास्थ्य ने व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के साथ लोगों की जांच करने के भी निर्देश दिए, उन्होंने बताया कि यात्रा मार्ग पर मृतक के मामले जानकारी देते हुए बताया कि गुजरात 63 वर्षीय बिना स्क्रिंग के ही यात्रा पर निकल गए थे वहीं दूसरे व्यक्ति की मौत की जानकारी विभाग के द्वारा अभी जुटाई जा रही है।। उन्होंने लोगो से अपील करते हुए कहा कि लोग जांच कराने के बाद ही यात्रा पर आए।

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