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उत्तराखंड

रेडमेड पतलून और कमीज के लिए मानक तय

केंद्र सरकार ने खराब उत्पाद पर कसी नकेल,गुणवत्ता से समझौता नहीं

रेडिमेड कपड़ों के बाजार में जल्द ही बड़ा बदलाव आने वाला है अब क्वालिटी से कोई समझौता नहीं होगा। भारतीय मानक ब्यूरों ने रेडिमेड कपड़ों के लिए मानक तय किए हैं अब पैंट शर्ट बनाने वाली कंपनियों को तय मानक के हिसाब से ही पेंट शर्ट का कपड़ा इस्तमाल करना होगा। इतना ही नहीं रंग की मजबूती और सिलाई के साथ-साथ धुलने के बाद उसकी सिकुड़न का भी ख्याल रखना होगा ताकि उपभोक्ता को उसकी पसंद हर एंगल से संतुष्ट कर सके।

अभी तक पूरे देश में समान मानक नहीं थे हर कंपनी की अपनी कसौटी थी और वो उसी पर कपड़े की गुणवत्ता को परखती थी। लेकिन अब नए नियम आने के बाद गुणवत्ता का एक न्यूनतम नियम तय हो जाएगा। नए नियमो से निर्यातकों को फायदा होने की प्रबल संभावना है। उसकी वजह है कि अभी तक हर देश के खरीददार अपने-अपने मानकों पर कप़डों को परखते थे। इस परीक्षण में कंपनियों का खर्चा बढ़ जाता है और उनके मुनाफे पर असर पड़ता है। लेकिंन अगर भारतीय मानक ब्यूरों के तय मानकों को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिल जाती है तो पेंट-शर्ट निर्माता कंपनियों को बार-बार के परीक्षणों से निजात मिल जाएगी और भारतीय रेडिमेड कपड़ो की अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में साख बढ़ जाएगी।

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वहीं उपभोक्ताओं को भी फायदा होगा। अब भारतीय मानक ब्यूरो ने साफ कर दिया है कि रेडिमेड पतलून और कमीज बनाने वाले गारंमेट फैबिरीकेटर्स को कपड़े की मजबूती को प्राथमिकता देनी होगी, कच्चा कपड़ा कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके अलावा सिलाई पर भी फोकस करना होगा। सिलाई को भी मजबूती की कसौटी पर परखा जाएगा। वहीं कपड़ा धोने के बाद कितना सिकुड़ेगा इसको भी परखा जाएगा और मानक ब्यूरो कपड़े के रंग की उम्र का भी टेस्ट करेगा तभी रेडमेड पतलून और कमीज को बाजार में शामिल होने की मंजूरी मिलेगी। अभी तक हर कंपनी के अपने अपने मानक होते हैं लिहाजा रेडमेड कपड़े पहनने वाले ग्राहक ब्रांड में ही उलझ कर रह जाते हैं। लेकिन नए मानक आने से ग्राहक को इस बात की संतुष्टी रहेगी कि उसने तय गुणवत्ता वाली पैंट-शर्ट खरीदी है।

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