उत्तराखंड
सीएम ने की घोषणा..तीन साल तीन सौगात… प्रतियोगी परीक्षा के छात्रों को आर्थिक सहायता, उपनल कर्मियों को नौकरी और ठेकेदारों को बड़ा तोहफा…
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवाओं, उपनल कर्मचारियों और राज्य के ठेकेदारों के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को आर्थिक सहायता और उचित मंच दिया जाएगा, जिससे वे अपने सपनों को साकार कर सकें। इसके अलावा, उपनल कर्मचारियों को रिक्त पदों के सापेक्ष नौकरी देने का ऐलान किया गया है। राज्य के स्थानीय ठेकेदारों को 10 करोड़ तक के कार्यों का ठेका देने का निर्णय लिया गया है, जिससे प्रदेश की आर्थिकी मजबूत होगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के तीन वर्ष पूरे होने पर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने यह मिथक तोड़ दिया कि हर चुनाव के बाद सरकार बदल जाती है। सीएम ने कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ हमारी सरकार को जिम्मेदारी सौंपी थी, उस पर सरकार पूरी तरह खरी उतरी है। उन्होंने सरकार की उपलब्धियों को स्वर्ण अक्षरों में अंकित किए जाने योग्य बताया और कहा कि इन तीन वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए तेज़ी से काम किया गया है।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के आंदोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि उनकी संघर्षशीलता और बलिदान के कारण ही यह प्रदेश अस्तित्व में आया है। उन्होंने यह भी कहा कि देवभूमि में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने से एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है। उन्होंने विशेष रूप से मुस्लिम बहनों के लिए इस कानून को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे उन्हें उनके अधिकार मिलेंगे और समाज में समानता की नई मिसाल कायम होगी।
सीएम ने कहा कि उत्तराखंड अब तेजी से वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। यहां की खूबसूरत वादियां, शुद्ध वातावरण और आधुनिक सुविधाएं इसे देश-विदेश के जोड़ों के लिए शादी के लिए एक आदर्श स्थान बना रही हैं। सरकार इस दिशा में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं लागू कर रही है, जिससे प्रदेश की आर्थिकी को भी मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार और पेपर लीक पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि पूर्व में उत्तराखंड के युवा लगातार इन समस्याओं से जूझ रहे थे। उनकी मेहनत को नकल माफिया बर्बाद कर देते थे, जिससे उनके सपने चकनाचूर हो जाते थे। लेकिन उनकी सरकार ने देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया, जिसके कारण अब परीक्षाएं निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो रही हैं। इस कानून का असर यह रहा कि अब तक 20,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिल चुकी हैं।
सीएम ने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कई अहम कदम उठाए गए हैं। स्कूलों में संसाधन बढ़ाए गए हैं और उच्च शिक्षा को रोजगारोन्मुखी बनाया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं में भी बड़े सुधार किए गए हैं, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। इसके अलावा, खेलों को प्रोत्साहित करने और नई प्रतिभाओं को उभारने के लिए सरकार ने विशेष योजनाएं चलाई हैं।
जनता के विश्वास पर खरी उतरी सरकार
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी उतरी है। उन्होंने कहा, “जिस विश्वास के साथ जनता ने हमें जिम्मेदारी सौंपी, उस पर हमारी सरकार पूरी तरह खरी उतरी है। तीन वर्ष स्वर्ण अक्षरों से अंकित किए जाएंगे।”
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। सरकार जहां अपनी उपलब्धियों का प्रचार कर रही है, वहीं विपक्ष इसे महज राजनीतिक बयानबाजी करार दे रहा है। लेकिन एक बात स्पष्ट है कि उत्तराखंड में बीते तीन वर्षों में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं, जिनका असर आने वाले समय में भी दिख सकता है।


