उत्तराखंड
UJVNL की 136वीं बैठक में 600 MW इछाड़ी पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट DPR को हरी झंडी
देहरादून। मुख्य सचिव और निगम अध्यक्ष आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में यूजेवीएन लिमिटेड के निदेशक मंडल की 136वीं बैठक संपन्न हुई। इस उच्चस्तरीय बैठक में राज्य की विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ाने, 600 मेगावाट की इछाड़ी पंप्ड स्टोरेज परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को मंजूरी देने और कर्मचारियों के हित में कई बड़े फैसले लिए गए।
बैठक की जानकारी देते हुए यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के विजन के अनुसार राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास जारी हैं। इसी दिशा में 600 मेगावाट क्षमता की इछाड़ी पंप्ड स्टोरेज परियोजना की डीपीआर को निदेशक मंडल ने अपनी हरी झंडी दे दी है। यह कदम प्रदेश में ऊर्जा भंडारण को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
इछाड़ी पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद पीक आवर्स के दौरान हर साल लगभग 1,246 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन होने का अनुमान है। इससे राज्य में बिजली की सबसे ज्यादा खपत वाले समय पर बाहरी राज्यों और निजी संस्थाओं पर उत्तराखंड की निर्भरता काफी हद तक कम हो जाएगी।
प्रबंध निदेशक ने स्पष्ट किया कि इस परियोजना का सीधा आर्थिक लाभ भविष्य में बिजली की उपलब्धता, परिचालन लागत और तत्कालीन बाजार दरों पर निर्भर करेगा। इसके साथ ही, 300 मेगावाट क्षमता की लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना के विद्युत यांत्रिक और हाइड्रो-मैकेनिकल कार्यों की निविदाएं तैयार करने के प्रस्ताव को भी बोर्ड से मंजूरी मिल गई है।
निगम ने अपने कर्मचारियों के सामाजिक और वित्तीय हितों का ध्यान रखते हुए गैर-पेंशनधारक कार्मिकों के लिए अनुग्रह क्षतिपूर्ति धनराशि से जुड़े प्रस्ताव को भी अनुमोदित कर दिया है। इससे उन कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी जो नियमित पेंशन योजना के दायरे में नहीं आते हैं।
वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने के लिए बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वैधानिक लेखापरीक्षक की नियुक्ति और वर्ष 2025-26 की लागत लेखापरीक्षा रिपोर्ट को स्वीकृति प्रदान की। इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रमुख सचिव ऊर्जा डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव वित्त दिलीप जावलकर, स्वतंत्र निदेशक इंदू कुमार पाण्डे व पराग गुप्ता, निदेशक परिचालन जी.एस. बुदियाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



